Sunday, August 10, 2008
सौ बिमारियों को दूर करेगी एक दवा
नई ख़बर है की बाज़ार में जल्द ही एक नई दवा आने वाली है जो एक साथ कई बिमारियों में उपयोगी होगी। यह दवा बढती उम्र की मुश्किलों, कैंसर, डायबिटीस, ह्रदय रोग, स्मरण शक्ति बढ़ने वाली एवं अल्जेमेर्स जैसी बिमारिओं से भी लडेगी। इस दवा का स्वाद वाइनजैसा होगा जो की वाइन के शौकीनों को विशेष रूप से पसंद आयेगी। यह दवा मरीजों में ताकत भी बढाएगी। रेस्वेरेत्रोल नमक योगिक जो की लाल अंगूर के छिलके में पाया जाता है, को इस दवा में इस्तेमाल किया गया है। दवा का चूहों पर प्रयोग किया गया और पाया गया की यह भोजन में पाए जाने वाले उच्च वसा के दुष्प्रभाव को कम करती है। चूहों पर हुए अध्यन में यह पाया गया है की ये दवा डायबिटीस के खतरों को कम करती है, लेकिन दवा बनने वाली कंपनी का कहना है यह लम्बी उम्र को बढ़ाने में सहायक होती है, अल्जैमेर्स, कैंसर और दिल के रोगों में भी कारगर सिद्ध होगी। इस दवा को दो रसायनों का प्रयोग कर बनाया जा रहा है जो रेस्वेरेत्रोल जैसी ही प्रभाव की होगी।
Saturday, April 12, 2008
ज़रूरत से ज़्यादा जंक फ़ूड आपको गैस का मरीज़ बना सकता है
जी हाँ! आजकल लिगों को जंक फ़ूड का ज़्यादा ही शौक हो रहा है। बच्चे तो बच्चे बड़े भी इसके शौकीन होते जा रहे है। अध्यन के अनुसार यह बात सामने आयी है की जंक फ़ूड मोटापा बढ़ाने के अलावा अम्लता एवं गैस को भी बढाता है। और तो और यह कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की वजह भी बन सकता है।
एक देशव्यापी अध्यन मे यह पाया गया है कि अधिकतर लोग बाहर खाना खाना पसंद करते है और ज्यादातर चीजे चटपटी और मसालेदार ही पसंद कि जाती है। अधिक मसालेदार खाने कि वजह से गस्त्रोअसोफोगिल रिफ्ल्क्स डीसीस
होने कि संभावना होती है। जिसमे पचे हुए भोजन का अंश, पित्त एवं अम्ल का कुच्छ अंश खाने कि नली मे ऊपर आ जाता है। यह स्तिथि अम्ल्शूल को जन्म दे सकती है और इसे यदि नज़रंदाज़ किया जाए तो खाने कि नली मे रक्तस्राव हो सकता है और फोड़े कि शिकायत हो सकती है। इससे खनन कि नली मे उल्सेर हो सकता है और आगे चलकर ये कैंसर का रूप भी धारण कर सकता है।
तो हो जाईये सावधान और जंक फ़ूड खाने से पहले एक बार अपनी सेहत के बारे मे ज़रूर ख़याल करे और जहाँ तक सम्भव हो जंक फ़ूड से पह्रेज़ करे।
एक देशव्यापी अध्यन मे यह पाया गया है कि अधिकतर लोग बाहर खाना खाना पसंद करते है और ज्यादातर चीजे चटपटी और मसालेदार ही पसंद कि जाती है। अधिक मसालेदार खाने कि वजह से गस्त्रोअसोफोगिल रिफ्ल्क्स डीसीस
होने कि संभावना होती है। जिसमे पचे हुए भोजन का अंश, पित्त एवं अम्ल का कुच्छ अंश खाने कि नली मे ऊपर आ जाता है। यह स्तिथि अम्ल्शूल को जन्म दे सकती है और इसे यदि नज़रंदाज़ किया जाए तो खाने कि नली मे रक्तस्राव हो सकता है और फोड़े कि शिकायत हो सकती है। इससे खनन कि नली मे उल्सेर हो सकता है और आगे चलकर ये कैंसर का रूप भी धारण कर सकता है।
तो हो जाईये सावधान और जंक फ़ूड खाने से पहले एक बार अपनी सेहत के बारे मे ज़रूर ख़याल करे और जहाँ तक सम्भव हो जंक फ़ूड से पह्रेज़ करे।
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